INDEPENDENCE DAY CELEBRATION
Event Start Date : 15/08/2025 Event End Date 15/08/2025


कलीराम डीएवी,सफीदों के बच्चो ने मनाया आजादी का जश्न
तन से नहीं, ज्ञान- जज़्बात- गुणों से हम खूबसूरत बनते हैं-प्राचार्य पंकज कुमार सिंह
कलीराम डी ए वी पब्लिक स्कूल,सफीदों में आजादी का जश्न धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम प्राचार्य श्री पंकज कुमार सिंह ने ध्वजारोहण कर सभी बच्चों व अभिभावकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी।तत्पश्चात एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्काउट व गाइड ने मार्चपास्ट निकाला तथा प्राचार्य महोदय को सलामी दी। एनसीसी इंचार्ज पूजा सांगवान , स्काउट व गाइड इंचार्ज कृष्ण कुमार व संतोष मलिक , एनएसएस इंचार्ज रमनदीप कौर , पीटीआई गुलशन वालिया व कमलजीत राठौर के मार्गदर्शन में शानदार परेड का आयोजन किया गया।
प्राचार्य पंकज कुमार सिंह ने बच्चों को विकसित भारत बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि 200 साल की गुलामी के बाद मिली आजादी का इतिहास हमें याद दिलाता है कि क्रांतिकारियों के बलिदान हम कभी ना भूलें। लंबे संघर्ष और सच्चे देशभक्तों की शहादत के कारण आज हम स्वतंत्र देश में साँस ले रहे हैं। आजादी का जश्न मनाने का उद्देश्य यही है कि आज के बच्चे स्वतंत्रता का मूल्य समझे और उसकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। देश को आजाद करवाने वाली पीढ़ी अमर हो चुकी है अब हमारे कंधों पर जिम्मेदारी है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना नई पीढ़ी की मेहनत व ज्ञान से पूरा होगा ।मेहनत की नींव स्कूलों में डाली जाती है। आज बच्चों में फैशन व मस्ती के कारण पढ़ने की भावना खत्म हो रही है। फैशन करके सुंदर दिखने की कोई कीमत नहीं है। पेरेंट्स की आमदनी पर ऐश करना समझदारी नहीं है। तन की खूबसूरती काम नहीं आती, ज्ञान- जज़्बात- गुणों से हम खूबसूरत बनते हैं। मेहनत और ज्ञान की ताकत से ही हम देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकते हैं।हम आज प्रण लें कि जीवन में फिसलने वाला नहीं ,चढ़ने वाला पिरामिड चुने। 100 साल की आयु में यदि हम जीवन के संघर्षो व कठिनाइयों को पार करते हुए 25 साल पिरामिड पर चढ़ने में लगाएं । हम आत्म विश्लेषण करें, आत्म मंथन करें व उपलब्धि प्राप्त करने के लिए मेहनत करें। आज देश, परिवार, समाज व माता-पिता सभी की उम्मीदें बच्चों से हैं। आईपीएस अफसर व आतंकवादी दोनों इंटेलिजेंट होते हैं लेकिन आईपीएस को देश बचाने व आतंकवादी को नष्ट करने की ट्रेनिंग दी जाती है।ये संस्कारों का फर्क है। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार का होना जरूरी है।डीएवी ज्ञान व संस्कारों का संगम है । आप भाग्यशाली हैं जो डीएवी में पढ़ रहे हैं ।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए बच्चों ने मेरा रंग दे बसंती चोला' समूह गीत के माध्यम से बच्चों ने देशभक्ति की सुगंध बिखेरी। अंतर्सदन देश भक्ति ग्रुप डांस में विद्यालय के दयानंद ,महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई व शिवाजी चारों सदनों ने क्रांतिकारियों की शहादत से ओत-प्रोत डांस ड्रामा व विशेष रूप से पहलगाम घटना का हृदय विदारक दृश्य प्रस्तुत कर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दर्शाया व भारतीय नारी के मान सम्मान की रक्षा का संदेश देकर एक मजबूत भारत की तस्वीर प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्राचार्य महोदय ने क्लस्टर लेवल डीएवी नेशनल टूर्नामेंट में विजेता खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया। बैडमिंटन टीम- सौरभ ,आयुष, लक्ष्य, विराट ने स्वर्ण पदक जीता,दिव्यदत्त -लॉन्ग जंप गोल्ड मेडल ,रोहन-100 मीटर दौड़ सिल्वर मेडल , तरु -शॉट पुट गोल्ड मेडल ,गुरमन-डिस्कस थ्रो गोल्ड मेडल , तनवीर-जैवलिन सिल्वर मेडल ,रोहन-ट्रिपल जंप सिल्वर मेडल, दीपांशु -हाई जंप गोल्ड मेडल, गुरु प्रताप- हाईजंप गोल्ड मेडल ,दिव्यदत्त-हाई जंप गोल्ड मेडल ,कमलजीत-शॉट पुट सिल्वर मेडल, राघव-डिस्कस थ्रो गोल्ड मेडल ,अंशु-100 मीटर दौड़ गोल्ड मेडल व लॉन्ग जंप गोल्ड मेडल,दीपक- डिस्कस थ्रो सिल्वर मेडल, जैवलिन लक्ष्य सिल्वर मेडल ,रिले 400 मी -अंशु ,गुरुप्रताप ,कमलजीत ,राघव ,अंशवीर गोल्ड मेडल, 400 मीटर रिले रेस -दिव्यदत्त ,रोहन ,प्रतीक ,इशांत, ईशान गोल्ड मेडल जीता। गर्ल्स टूर्नामेंट में दीपांशु - हाई जंप गोल्ड मेडल ,महक रानी- शॉट पुट गोल्ड मेडल व 200 मीटर दौड़ सिल्वर मेडल, प्रतिभा- 500 मीटर दौड़ ब्रॉन्ज मेडल, गुरबाणी- सिल्वर मेडल व शॉट पुट ब्रॉन्ज मेडल, वंशिका- हाई जंप सिल्वर मेडल ,सिमरन- जैवलिन थ्रो गोल्ड मेडल ,इशिका- 200 मी ब्रॉन्ज मेडल, इशिका- 400 मी ब्रॉन्ज मेडल ,जीवनजोत- रिले गोल्ड मेडल, 100 मी ब्रॉन्ज मेडल ,योगिता ,वंशिका ,पलक, निष्ठा ,गुरबाणी -400 रिले गोल्ड मेडल ,प्रतिभा, दीपांशु ,इशिका, प्राची- 400 मी गोल्ड मेडल,विहान- ताइक्वांडो सिल्वर मेडल व अर्चना- ब्रॉन्ज मेडल जीता।
प्राचार्य महोदय ने अटल ट्रिंकिंग लैब में 'वैक्यूम क्लीनर' प्रोजेक्ट बनाने वाले लगभग 50 बच्चों व राखी मेकिंग आदि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।
विद्यालय प्रांगण राधा- कृष्ण की ध्वनि से गूंज रहा था । जन्माष्टमी पर नन्हे मुन्ने बच्चों ने' हमारे अंगना में खेले कान्हा' पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। भारत की आजादी का जश्न मनाते हुए भारत माता की जय, वंदे मातरम आदि नारों से विद्यार्थियों ने वातावरण को गुंजायमान कर दिया।